zindagi aur chal nahin sakti | ज़िंदगी और चल नहीं सकती

  - Afzal Sultanpuri

ज़िंदगी और चल नहीं सकती
आने पे मौत टल नहीं सकती

  - Afzal Sultanpuri

Zindagi Shayari

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    बहार ले कर आया है

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    बस वही लोग जन्नती होंगे
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    Afzal Sultanpuri
    ज़िंदगी ने यही सिखाया है
    धूप में छाँव काम आया है

    आरज़ू ख़त्म हो गई मेरी
    फोन पर कौन हो बुलाया है

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    और फिर मौत ने लगाया है

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    Afzal Sultanpuri

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