
वो बिजली का जैसे दिल में गिर जाना
आँखों का इतराना रुख़ का शर्माना
गालों पे उन के वो लाली का आना
हाथों से हाथों का ख़ुद में टकराना
कैसे बयाँ करूँ क्या-क्या है बतलाना
छोटी सी मज्लिस में उन से छू जाना
— arjun chamoli
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