
आज मशहूर फिर शहर में प्यार का इक फ़साना हुआ
एक लड़की दिवानी हुई एक लड़का दिवाना हुआ
एक दूजे को जब हम कभी ढूँढ़ते ढूँढ़ते थक गए
अश्क तेरा सहारा हुए दर्द मेरा ठिकाना हुआ
— Avtar Singh Jasser
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