झूठ कोई नया या कोई बहाना होगा
ग़ैर की बाहों में जब उसका ठिकाना होगा
जब सिवा तेरे किसी और की बातें होंगी
तब समझ जाना वही अगला निशाना होगा
राज़ की बात बताई तो हॅंसेगी दुनिया
इसलिए उस सेे मिला ज़ख़्म छुपाना होगा
आँखें मलने से नहीं जाती कभी ऐसी धुॅंध
तुमको तो 'इश्क़ का ये पर्दा हटाना होगा
उसका ही नाम सुनाई नहीं देगा उसको
अब उसे बेवफ़ा कहके ही बुलाना होगा
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