
मैं जानता हूँ अब वो ख़ैरात नहीं करता
मिलने आ भी जाए तो फिर बात नहीं करता
सब को ही भिगोता है रस उस की मोहब्बत का
बस मेरी ज़मीं पर वो बरसात नहीं करता
— Bhuwan Singh
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