tu dil men meri yaad ko sanwaara kar kabhi kabhi | तू दिल में मेरी याद को सॅंवारा कर कभी कभी

  - Bhuwan Singh

तू दिल में मेरी याद को सॅंवारा कर कभी कभी
मेरे भी ग़म में ज़िंदगी गुज़ारा कर कभी कभी

मैं तेरा पहला 'इश्क़ था है बाक़ी सारे बाद के
उन्हें भी मेरे नाम से पुकारा कर कभी कभी

लड़ेंगे तुझ सेे हर दफ़ा सितारे और चाँद भी
तू अपने दर पे आसमाँ उतारा कर कभी कभी

निकालते हैं लोग जो बस आइने की ग़लतियाँ
उन्हीं के सर पे आइना तू मारा कर कभी कभी

ये एक हिज्र ही तो था 'भुवन' ये 'उम्र बाक़ी है
तू बाग़ जाके तितलियाँ निहारा कर कभी कभी

  - Bhuwan Singh

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