भले ही ग़म मिरे हिस्से में छोड़ कर जानामगर तू कुछ तिरे बदले में छोड़ कर जानासफ़र तू साथ में क़ामिल करें तो लानत हैतिरा तो बनता है आधे में छोड़ कर जाना— Bhuwan Singh