yuñ muskurana zaroori nahin hai | यूँँ मुस्कुराना ज़रूरी नहीं है

  - SAAGAR SINGH RAJPUT
यूँँमुस्कुरानाज़रूरीनहींहै
मुझकोसतानाज़रूरीनहींहै
मैंनेकहाहैतुझेजानअपनी
सबकोबतानाज़रूरीनहींहै
मैंनामउसकानहींलेरहाहूँ
जिसकाछुपानाज़रूरीनहींहै
हरबे-वफ़ाजानतीहैकिउसका
वा'दानिभानाज़रूरीनहींहै
येबाततूयादसेकहदेअपनी
हररातआनाज़रूरीनहींहै
मानाकितुमख़ूब-सूरतहोजाँपर
जादूचलानाज़रूरीनहींहै
माहौलघरकाबुराभीअगरहो
बाहरबतानाज़रूरीनहींहै
कोईबड़ागरकहेकुछबुरातो
दिलसेलगानाज़रूरीनहींहै
घरमेंबड़ीबेटियाँहोंतोघरमें
सबकोबुलानाज़रूरीनहींहै
इज़्ज़ततुम्हारीनहींगरकरेतो
कोईदिवानाज़रूरीनहींहै
इंसानकोजोइंसानसमझे
ऐसाज़मानाज़रूरीनहींहै
गरबातकोईनहींहोग़ज़लमें
तोफिरसुनानाज़रूरीनहींहै
मैंप्यारमेंआजकलहूँकिसीके
'सागर'छुपानाज़रूरीनहींहै
  - SAAGAR SINGH RAJPUT
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