तुम भी उस की ख़ूब हिफ़ाज़त करते हो नाजान लुटाकर ख़ूब मुहब्बत करते हो नालड़ जाते हो उस की ख़ातिर दुनिया से भीअपनो से भी यार अदावत करते हो ना— Inshpa Ilahabadi