तेरे बारे में क्या नहीं कहते
बस तेरे मुँह पे जा नहीं कहते
जो हमें ख़ुदस दूर ले जाए
हम उसे रास्ता नहीं कहते
आप हैं तो अगरचे फिर भी हम
आपको बेवफ़ा नहीं कहते
चाहे जितने बुरे तअल्लुक हों
जाने वाले को जा नहीं कहते
सारी बातें सुनी सुनाई हैं
आप कुछ भी नया नहीं कहते
यूँँ तो हम हिज्र के पुजारी हैं
वस्ल को भी बुरा नहीं कहते
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