
जाता हूँ जिन के साथ मैं दर्शन को चार धाम
आता है चैन उन को भी लेकर ख़ुदा का नाम
कुछ इसलिए भी यार तेरा सुर्ख़ियों में है
करता हूँ मैं सलाम वो करती है राम राम
— Kartik Bhalerao " Asad "
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