मिलो बड़ों से समझ लो अदब किसे कहते
पता तभी ही चलेगा सबब किसे कहते
धुआँ धुआँ ही दिखा हर तरफ़ वहाँ यारो
सुनो न इस से बड़ा शोर अब किसे कहते
कई जगह ही फ़रेबी हुई ख़बर है क्या
बचे हुए ही कहे बा-अदब किसे कहते
सही सही से बताओं सभी हमें खुलके
सही ग़लत में उलझकर ग़ज़ब किसे कहते
इसी तरह ही शब-ओ-रोज़ बम फटे तो क्या
तुम्हीं हमें भी बताओ ज़रब किसे कहते
दिल-ओ-दिमाग़ से ही सोचके जियोगे फिर
ख़ुशी ख़ुशी से ही जीकर ग़ज़ब किसे कहते
ख़िलाफ़ कौन खड़ा है उसे समझ लेना
सबक़ उसी से मिला तो 'अजब किसे कहते
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