उसकी आँख में देख रहे हो बस धोका ही धोका है
पार करे कोई सहरा तब इक दरिया भी पड़ता है
मेरा कोई दीन नहीं था लेकिन अब तो दुनिया भी
मेरे शाइर हो जाने में हाथ तुम्हारा लगता है
सब सेे कहता रहता था वो तुम बस अपना ध्यान रखो
कहता है अब मर जाऊँगा क्या ऐसा भी होता है
दुनिया कितनी भोली-भाली कान की कच्ची लड़की है
अपने घर की दीवारों को हाल सुनाना पड़ता है
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