बस बचा है शाह उस का और है प्यादा हमारा
आखरी तक देख लेना खेल है सारा हमारा
तू सभी को हो मुयस्सर छू सकें ये हक़ हमें दे
इश्क़ कर हम से किशन सा नाम रख राधा हमारा
इश्क़ भी है जंग भी है, और है जाइज़ सभी कुछ
हार जाते जंग गर हम तू हुआ होता हमारा
आप की तस्वीर खो दी इस लिए हम रो रहे हैं
ये नहीं है ग़म हमें के खो गया बटवा हमारा
वो फ़लक़ थी हम ज़मीं थे, दूर थे पर साथ थे हम
एक दिन बारिश हुई फिर, तब हुआ मिलना हमारा
ग़म मिलाया ख़ुश मिलाई इश्क़ भी छिड़का ख़ुदा ने
फिर घुमाया ब्रश उस ने तब बना चेहरा हमारा
— Nawaaz















