Nawaaz
Nawaaz
Ghazal

बस बचा है शाह उस का और है प्यादा हमारा

आखरी तक देख लेना खेल है सारा हमारा

तू सभी को हो मुयस्सर छू सकें ये हक़ हमें दे
इश्क़ कर हम से किशन सा नाम रख राधा हमारा

इश्क़ भी है जंग भी है, और है जाइज़ सभी कुछ
हार जाते जंग गर हम तू हुआ होता हमारा

आप की तस्वीर खो दी इस लिए हम रो रहे हैं
ये नहीं है ग़म हमें के खो गया बटवा हमारा

वो फ़लक़ थी हम ज़मीं थे, दूर थे पर साथ थे हम
एक दिन बारिश हुई फिर, तब हुआ मिलना हमारा

ग़म मिलाया ख़ुश मिलाई इश्क़ भी छिड़का ख़ुदा ने
फिर घुमाया ब्रश उस ने तब बना चेहरा हमारा

— Nawaaz

More by Nawaaz

Other ghazal from the same pen

See all from Nawaaz →

Dard Shayari

Shers of dard.

All Dard Shayari poetry →

Similar writers

Voices in the same orbit

Browse by mood

Poetry by feeling