Nawaaz
Nawaaz
Ghazal

उस के होंठों की तस्वीर जहाँ जहाँ बनी

उस उस जगहा पे फूल खिले वादियाँ बनी

उस ने जो साँस छोड़ दी ओ-ज़ोन बन गया
उस ने जो आँख बंद की तो कहकशाँ बनी

अव्वल अव्वल ईजाद हुआ इश्क़ ख़ुदा से
फिर उस के बा'द इस जहाँ में रस्सियाँ बनी

उस ने छोड़ दिया, पर मिरा ख़याल भी रखा
या'नी के आँधियाँ दियों की पासबां बनी

स्कैच को बनाते वक़्त हम उदास थे बहुत
सो शकल हमारी देख कर उदासियाँ बनी

— Nawaaz

More by Nawaaz

Other ghazal from the same pen

See all from Nawaaz →

Udasi Shayari

Shers of udasi.

All Udasi Shayari poetry →

Similar writers

Voices in the same orbit

Browse by mood

Poetry by feeling