mujhe ummeed hai koi sitam se ab bachaayega | मुझे उम्मीद है कोईं सितम से अब बचाएगा

  - Nawaaz

मुझे उम्मीद है कोईं सितम से अब बचाएगा
बताओ कौन आखिर इस भरम से अब बचाएगा

बड़ी मेहनत लगी है यार ये फंदा लगाने में
बुरा होगा अगर वो एकदम से अब बचाएगा

हमें ये लग रहा है के हमारा हो गया है वो
ख़ुदा सहरा को पानी के वहम से अब बचाएगा

मुझे शिकवा नहीं है यार मेरे डूबने का, पर
मुझे हर पल लगा के तू क़सम से अब बचाएगा

  - Nawaaz

Jafa Shayari

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