
अब ज़रूरी तो नहीं है कि वो सब कुछ कह दे
दिल में जो कुछ भी हो आँखों से नज़र आता है
मैं उस से सिर्फ़ ये कहता हूँ कि घर जाना है
और वो मारने मरने पे उतर आता है
— Tehzeeb Hafi
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