Sandeep Thakur

Sandeep Thakur

@SandeepThakur

Sandeep Thakur shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Sandeep Thakur's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

अनोखा शख़्स था उस से मिलाया हाथ जब मैं ने लगा जैसे कि उस की उँगलियों में दिल धड़कता था — Sandeep Thakur
ज़िंदगी इक फ़िल्म है मिलना बिछड़ना सीन हैं आँख के आँसू तिरे किरदार की तौहीन हैं — Sandeep Thakur
कुछ इमोजी वॉलपेपर पर पड़े रह जाएँगे फ़ोन से जितना मिटा लो चाहे मेरी चैट को — Sandeep Thakur
सर्च करना है मुझे बे-कार इंटरनेट पर? धड़कनों में अपनी मेरा नाम कर गूगल कभी — Sandeep Thakur

Ghazal

ज़िंदगी इक फ़िल्म है मिलना बिछड़ना सीन हैं आँख के आँसू तिरे किरदार की तौहीन हैं एक ही मौसम वही मंज़र खटकने लगता है सच ये है हम आदतन बदलाव के शौक़ीन हैं नींद में पलकों से मेरी रंग छलके रात भर आँख में हैं तितलियाँ तो ख़्वाब भी रंगीन हैं राह तकती रात का ये रंग है तेरे बिना चाँद भी मायूस है तारे भी सब ग़मगीन हैं उँगलियों पे गिन मिरी तन्हाइयों के हम सफ़र इक उदासी जाम दूजा याद तेरी तीन हैं क़ाएदे से कब जिया है ज़िंदगी मैं ने तुझे मैं तिरा मुजरिम हूँ मेरे जुर्म तो संगीन हैं ख़ुशनुमा माहौल था कल तक थिरकते थे सभी आज आख़िर क्या हुआ है लोग क्यूँ ग़मगीन हैं — Sandeep Thakur
क्या सितारों को तका है रात भर पल पल कभी चाँद के गालों पे पड़ते देखे हैं डिम्पल कभी नाम मेरा याद कर के चुस्कियों के बीच में क्या हुई है चाय के कप में तिरे हलचल कभी जानता हूँ उम्र भर तू साथ दे सकता नहीं पर ज़रा सी दूर तक तो साथ मेरे चल कभी सर्च करना है मुझे बे-कार इंटरनेट पर धड़कनों में अपनी मेरा नाम कर गूगल कभी उँगलियों से कुछ सरकता सा लगे है आज तक छू गया था हाथ से इक रेशमी आँचल कभी घुंघरूओं के सुर जगेंगे छत की हर मुंडेर से सीढ़ियाँ चढ़ ले वो गर पहने हुए पायल कभी ये समझ लेना कोई रोया बहुत है याद में फैल जाए जब तुम्हारी आँख से काजल कभी चंद किरनें धूप की छन कर हुई बस साँवली रोक पाए पर कहाँ सूरज को ये बादल कभी — Sandeep Thakur

Nazm