गुल सा तू तेरा साथ ख़ुशबू साहाथ में तेरा हाथ ख़ुशबू साहो के तुझ से जुदा भटकता हूँगुल से बिछड़ी अनाथ ख़ुशबू सा— Sandeep Thakur