हर वक़्त ज़िंदगी में नया इम्तिहाँ रहामुझ को हराने वाला मेरा राज़दाँ रहाहर चीज़ भूल सकता है लेकिन ये दिल मेराकैसे वो रिश्ता भूले कि जो दरमियाँ रहा— Neelam bansal