इतना उदास भी न करो मुझ को दोस्तों
मेरे दुखों को तुम भी कभी समझो दोस्तों
गर कोई बेसुरा भी सुरीला लगे तुम्हें
उस से तुम्हें है प्यार ज़रा समझो दोस्तों
जब रो रहा था मैं ,पड़ी तब उस की रौशनी
इंद्रधनुष बना गया वो दिल को दोस्तों
— NISHKARSH AGGARWAL
मेरे दुखों को तुम भी कभी समझो दोस्तों
गर कोई बेसुरा भी सुरीला लगे तुम्हें
उस से तुम्हें है प्यार ज़रा समझो दोस्तों
जब रो रहा था मैं ,पड़ी तब उस की रौशनी
इंद्रधनुष बना गया वो दिल को दोस्तों
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