मुझ को ये कर जाना होगा
अब हद से गुज़र जाना होगा
हर दर्द को नित पीना होगा
ख़ुद से भी मुकर जाना होगा
साहिल पे ठहर कर क्या लेंगे
तूफ़ान में तर जाना होगा
— Nit
अब हद से गुज़र जाना होगा
हर दर्द को नित पीना होगा
ख़ुद से भी मुकर जाना होगा
साहिल पे ठहर कर क्या लेंगे
तूफ़ान में तर जाना होगा
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