दिल-नशीं होता कोई और हमारा होता
देखने को अरे क्या ख़ूब नज़ारा होता
झूठ कहते है जहाँ से कि पुकारा था मुझे
मैं ठहर जाता अगर यार पुकारा होता
शे'र कहने से गुज़ारा नहीं होता रौशन
हर कोई होता सुख़न-वर जो गुज़ारा होता
— Raushan miyaa'n
देखने को अरे क्या ख़ूब नज़ारा होता
झूठ कहते है जहाँ से कि पुकारा था मुझे
मैं ठहर जाता अगर यार पुकारा होता
शे'र कहने से गुज़ारा नहीं होता रौशन
हर कोई होता सुख़न-वर जो गुज़ारा होता
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