दो कटार इक मयान में किसे पसंद है

इश्क़ विश्क़ ख़ानदान में किसे पसंद है

ये रिवाज है हयात का जो मरना पड़ता है
वरना मौत इस जहान में किसे पसंद है

— Er Rizwan Nathapuri

Similar writers

Voices in the same orbit

Browse by mood

Poetry by feeling