अम्न-ओ-अमाँ से हम ने गुज़ारी है ज़िंदगीमज़हब के नाम पर कभी झगड़ा नहीं कियाउम्मीद उस बशर से करें क्या वफ़ा की हमजिस ने किसी के साथ भी अच्छा नहीं किया— SALIM RAZA REWA