hamne tumhaare vaaste kya kya nahin kiya | हमने तुम्हारे वास्ते क्या क्या नहीं किया

  - SALIM RAZA REWA

हमने तुम्हारे वास्ते क्या क्या नहीं किया
अफ़सोस तुमने हमपे भरोसा नहीं किया

आया है जब से नाम तुम्हारा ज़बान पर 
होंटों ने फिर किसी का भी चर्चा नहीं किया

ज़ुल्म-ओ-सितम ज़माने के हँस-हँस के सह लिए
लेकिन कभी ज़मीर का सौदा नहीं किया

अम्न-ओ-अमाँ से हमने गुज़ारी है ज़िंदगी
मज़हब के नाम पर कभी झगड़ा नहीं किया

उम्मीद उस बशर से करें क्या वफ़ा की हम
जिसने किसी के साथ भी अच्छा नहीं किया

 
मुझको मिला फ़रेब रज़ा 'इश्क़ में मगर

मैंने किसी के साथ भी धोका नहीं किया

  - SALIM RAZA REWA

Aasra Shayari

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