तुम्हारी याद में तारों से बात करता हूँजहाँ की सारी बहारों से बात करता हूँजहाँ भी देखूँ वहाँ पर नज़र तुम्ही आएमैं इन हसीन नज़ारों से बात करता हूँ— Sameer Khan