ख़ैर हालात बना सकते थे
हम तो बस बात बना सकते थे
ज़िंदगी बन रही है तेरे सिवा
तेरे भी साथ बना सकते थे
जो तुम्हारे लिए कही है ग़ज़ल
हम उसे नात बना सकते थे
तुम ने सहरा बना लिया था हमें
तुम तो बरसात बना सकते थे
पूरी तस्वीर मुकम्मल न सही
हाथ में हाथ बना सकते थे
— Sarul















