तलाशे हैं निशाँ उस के इन आँखों ने फ़िज़ाओं मेंनहीं मौजूद पहले सी कोई ख़ुशबू हवाओं मेंकिया मैं ने भी ये इश्क़ उस से सूफ़ियाना साअभी क्या दर्ज मेरा नाम भी होगा वफ़ाओं में— Abhilasha Savi 'Chahat'