वो बहुत ही हसीन है तो क्या
दिल पे मेरे मकीन है तो क्या
ज़िंदगी ऐश से जिएँगे हम
आख़िरी मौत सीन है तो क्या
ख़ूबसूरत बदन नहीं उसका
वो बहुत ही ज़हीन है तो क्या
कौन बोला है बोलने को सच
झूठ पे जब यक़ीन है तो क्या
'इश्क़ तो चाहता बदन है बस
जब बदन अंगबीन है तो क्या
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