" मेरा दुश्मन "
तू इतना जो मुझे प्यार कर रहा है,
कौन है जो तेरे कान भर रहा है
तू चाहता है दोस्ती कर लूँ तुझ से,
जानता है न तू दुश्मन बेहतर रहा है
दोस्ती से अच्छी तो दुश्मनी है तेरी,
पर तेरा तो दुश्मनी से जी भर रहा है
तेरी ही ज़िद से दुश्मनी शुरू हुई,
अब तू ही दुश्मनी से मुकर रहा है
मैं तो चाहता था मिसाल दुश्मनी की,
दोस्ती की बात से तो दिल डर रहा है
— Sahil Verma















