जब भी वो कभी आँखों के सामने आता हैदिल पागल है जाने क्यूँ शोर मचाता हैपाया ही नहीं है जिस को कभी फिर भी ये दिलहैरत है उस को खोने का शोक मनाता है— Shahanwaz Ansari