उस के शहर के लड़के होंगे मरते होंगेवो जो उस पे मरते होंगे मरते होंगेख़ल्वत कैसे ज़िंदगी को खा जाती है दोस्तइश्क़ से जो भी डरते होंगे मरते होंगे— Simar Gozra