apna matlab nikaalne waale | अपना मतलब निकालने वाले

  - Sohil Barelvi

अपना मतलब निकालने वाले
मेरी तकलीफ़ से हैं बेगाने

इस दफ़ा क्यूँँ दिलासा देने लगे
ज़ख़्म पर फिर नमक छिड़क देते

हाए वो इंतिज़ार की घड़ियाँ
आँख अटकी रही दरीचे से

मुझ को हैरत में डाल देते हैं
मुझ को हैरत से देखने वाले

आँख में रौशनी अगर बचती
तेरी तस्वीर देख ही लेते

तुम अगर देखते पलट कर तो
दौड़ कर ट्रेन को पकड़ लेते

ख़ुद को पहचानना पड़ा भारी
ख़ुद को भूले हैं आपसे मिल के

ख़ैर इतना तो कर ही सकता हूँ
जान दे दूँगा अश्क के बदले

आज के दौर में मियाँ सोहिल
लोग मिलते हैं दिल नहीं मिलते

  - Sohil Barelvi

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