जब होता है तब होता है
दर्द हमेशा कब होता है
मिलते हैं बस हाथ हमेशा
दिल से मिलना कब होता है
नाकों वाली बस्ती में भी
चुपके छुपके सब होता है
असली सूरत देखो उन की
पीना खाना जब होता है
लगता नहीं उमेश अब ऐसा
अच्छों का भी रब होता है
— Umesh Maurya
दर्द हमेशा कब होता है
मिलते हैं बस हाथ हमेशा
दिल से मिलना कब होता है
नाकों वाली बस्ती में भी
चुपके छुपके सब होता है
असली सूरत देखो उन की
पीना खाना जब होता है
लगता नहीं उमेश अब ऐसा
अच्छों का भी रब होता है
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