हर इक दर्द को हँसकर सहना पड़ता हैया फिर ज़ख़्म छुपाकर रहना पड़ता हैवो जब हँसकर पूछता है यूँ हाल मेरामुझ को सब कुछ अच्छा कहना पड़ता है— Kavi Vikash Shukla