इक जहाँ फिर बसा के देखूँगा
    दिल कहीं और लगा के देखूँगा

    रास आने लगेगी तन्हाई
    दिल खुशी से बचा के देखूँगा

    फिर तुम्हे प्यार हो गया है तो
    फिर तुम्हे आजमा के देखूँगा
    Read Full
    Prakamyan Gautam
    4 Likes
    तुमसे बेहतर क्या रब होता होगा?
    तुम कहती हो मतलब होता होगा
    Prakamyan Gautam
    3 Likes
    ये तितली सचमुच तेरे जैसी है
    ये मौसम मतलब तेरा अपना है

    सुन पगली या तो परियाँ होती हैं
    या फिर पक्का तू कोई सपना है
    Read Full
    Prakamyan Gautam
    13 Likes
    अब भी मतलब पूछ रही हो
    अब मैंने इज़हार किया था
    Prakamyan Gautam
    3 Likes
    अव्वल तो सर को मेरे शाने देता
    यार पुराना होता तो जाने देता

    इश्क़ कमर कस लेता है वर्ना लड़की
    तुझ जैसी को तो भरकर ताने देता

    तोहफ़े तो लाने को कहता रहता है
    लेकिन पैकर बीच नहीं लाने देता
    Read Full
    Prakamyan Gautam
    5 Likes
    महफ़िल में इक लड़की के आने से
    लड़के बन जाते हैं दीवाने से
    Prakamyan Gautam
    3 Likes
    देखो तुम बिन तस्वीरों में
    अब दाँत हमारे दिखते नइँ
    Prakamyan Gautam
    3 Likes
    कुछ तो था हम दोनों के बीच मगर
    उस कुछ का नाम नहीं था कुछ लेकिन
    Prakamyan Gautam
    3 Likes
    आप मेरी गज़ल के लिए ठीक हैं
    क्यू न मैं आप पर शेर कहने लगूँ
    Prakamyan Gautam
    2 Likes
    तुम्हारी याद के साए हैं शायद
    इधर रस्ता भटक आए हैं शायद

    बला के शोर से नींदे खुलीं है
    हमारे ख्वाब टकराए है शायद
    Read Full
    Prakamyan Gautam
    4 Likes

Top 10 of Similar Writers