इक जहाँ फिर बसा के देखूँगा
दिल कहीं और लगा के देखूँगा
रास आने लगेगी तन्हाई
दिल ख़ुशी से बचा के देखूँगा
फिर तुम्हें प्यार हो गया है तो
फिर तुम्हें आजमा के देखूँगा
— Prakamyan Gautam
दिल कहीं और लगा के देखूँगा
रास आने लगेगी तन्हाई
दिल ख़ुशी से बचा के देखूँगा
फिर तुम्हें प्यार हो गया है तो
फिर तुम्हें आजमा के देखूँगा
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