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Top 10 of
Naresh sogarwal 'premi'
SHER
अगर मैं कह दूँ मेरे हाल-ए-दिल का हाल सब है ठीक
यही तो वक़्त है जाँ सीने से मुझ को लगाने का
Naresh sogarwal 'premi'
10
SHER
मुझे अच्छा नहीं लगता कोई हमदर्द भी मेरा
वफ़ा की बात है तो फिर करे कोई वफ़ा हम सेे
Naresh sogarwal 'premi'
9
SHER
तुम्हें ज़रूर हिफ़ाज़त से कोई रक्खेगा
मगर दवा कहाँ से हिज्र की वो लाएगा
Naresh sogarwal 'premi'
8
SHER
ये हुनर भी लिखने का मुझ में तो नहीं था पर
इश्क़ जो भी करते हैं शा'इरी ही करते हैं
Naresh sogarwal 'premi'
7
SHER
मेरी सुब्ह और रात का विवाद तो ये है
मुझ को लगती है सिगार सोने और जगने में
Naresh sogarwal 'premi'
6
GHAZAL
मिरा अब नहीं लगता दिल तो कहीं भी
हक़ीक़त ये मैं हूँ भी और अब नहीं भी
Naresh sogarwal 'premi'
5
SHER
जितनी भी ख़्वाहिशें थी सभी मेरी थीं
जितने भी ख़्वाब थे सब के सब तेरे थे
Naresh sogarwal 'premi'
4
SHER
तू मिलने से हर बार मुकरा करेगी
मिरी ईद अब यूँँ ही गुजरा करेगी
Naresh sogarwal 'premi'
3
SHER
ज़िन्दगी में रहे संग तीनों ही हम
मैं मिरी ये क़लम और मेरा ये ग़म
Naresh sogarwal 'premi'
2
SHER
ख़ुशी और ग़म का तो आलम यही है
कि सिगरेट जलती है दोनों समाँ पर
Naresh sogarwal 'premi'
1
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