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Naresh sogarwal 'premi'

Top 10 of Naresh sogarwal 'premi'

Naresh sogarwal 'premi'

Top 10 of Naresh sogarwal 'premi'

    अगर मैं कह दूँ मेरे हाल-ए-दिल का हाल सब है ठीक
    यही तो वक़्त है जाँ सीने से मुझ को लगाने का
    Naresh sogarwal 'premi'
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    मुझे अच्छा नहीं लगता कोई हमदर्द भी मेरा
    वफ़ा की बात है तो फिर करे कोई वफ़ा हम से
    Naresh sogarwal 'premi'
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    तुम्हें ज़रूर हिफ़ाज़त से कोई रक्खेगा
    मगर दवा कहाँ से हिज्र की वो लाएगा
    Naresh sogarwal 'premi'
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    ये हुनर भी लिखने का मुझ में तो नहीं था पर
    इश्क़ जो भी करते हैं शा'इरी ही करते हैं
    Naresh sogarwal 'premi'
    7
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    मेरी सुब्ह और रात का विवाद तो ये है
    मुझ को लगती है सिगार सोने और जगने में
    Naresh sogarwal 'premi'
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    मिरा अब नहीं लगता दिल तो कहीं भी
    हक़ीक़त ये मैं हूँ भी और अब नहीं भी

    जी ऐसे रहा हूँ कि मेरा कोई नइँ
    मैं घर पहले रहता था और अब कहीं भी

    मिरे साथ ख़्वाबों की दुनिया है लेकिन
    हक़ीक़त में इक ख़्वाब-दीदा नहीं भी
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    Naresh sogarwal 'premi'
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    जितनी भी ख़्वाहिशें थी सभी मेरी थीं
    जितने भी ख़्वाब थे सब के सब तेरे थे
    Naresh sogarwal 'premi'
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    तू मिलने से हर बार मुकरा करेगी
    मिरी ईद अब यूँ ही गुजरा करेगी
    Naresh sogarwal 'premi'
    3
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    ज़िन्दगी में रहे संग तीनों ही हम
    मैं मिरी ये क़लम और मेरा ये ग़म
    Naresh sogarwal 'premi'
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    ख़ुशी और ग़म का तो आलम यही है
    कि सिगरेट जलती है दोनों समाँ पर
    Naresh sogarwal 'premi'
    1
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