इतना प्यारा है तू दिलरुबा बाँटे सब में ख़ुशी ही ख़ुशी
फूल खिलने लगे उस जगह तू जिधर मुस्कुराने लगा
प्यार का जाम तुझे ऐसा पिलाना है मुझे
माज़ी के मर्ज़ की यादों को भुलाना है मुझे
यूँ ही अब वक़्त ऐसे ढल रहा है
जब से तू यार तन्हा चल रहा है
कल तुझे चूमा था ज़रा मैंने
कल से मेरा ये दिल उछल रहा है
उसकी आहट दिनों से आई नहीं
मेरा दिल अब बहुत मचल रहा है
तेरे जाने के बाद ये मन अब
तेरी तस्वीर से बहल रहा है
दूर तुझ से अगर गए होते
रात अपने शहर गए होते
चलते तेरी तरफ़ रहे हर पल
डरते तो बस ठहर गए होते
मोहब्बत की तरफ क्यूँ जा रहे हैं
ये उससे पूछ कर हम आ रहे हैं
शुरू की शायरी तेरी वजह से
तुझे अब शायरी में पा रहे हैं