Chetan

Top 10 of Chetan

    उस को आसानी से करो रुख़सत
    मुश्किलें अपनी क्यूँ न तय कर लो
    Chetan
    10
    1 Like
    त'अज्जुब तुझ से मिलना था बिछड़ने पर भी हैरत है
    मसीहा वो नहीं था मैं न वो हैवान बन पाया
    Chetan
    7
    1 Like
    उस ने कहा मुझ से कि अब मैं ठीक हूँ
    बिन पूछे यूँ ही बे-सबब मैं ठीक हूँ

    तुम से गिला कैसे करूँ तुम ख़ुश रहो
    मुझ को गिला ख़ुद से है जब मैं ठीक हूँ

    ग़म्माज़ आँखों को सिखाना है मुझे
    है होंठों को कहने का ढब मैं ठीक हूँ

    मुझ को बुरा कह कर मिले थे तुम से जो
    तुम से बिछड़ कहते वो सब मैं ठीक हूँ

    आना तेरा जाना तेरा मर्ज़ी तेरी
    जब तक चले सब बे-तलब मैं ठीक हूँ

    हाथों में ले कर देखता है दिन मुझे
    जाते हुए कहती है शब मैं ठीक हूँ
    Read Full
    Chetan
    4
    1 Like
    उस ने वा'दा किया था आने का
    था मगर वो भी इस ज़माने का

    शुक्र है घर कोई नहीं आया
    जब ठिकाना नहीं था खाने का

    क्यूँ ख़ुशी हो अगर मिलें अब हम
    ज़ख़्म गहरा है दूर जाने का

    क्या तुझे चाहता है अब कोई
    या पता मिल गया ख़ज़ाने का

    अब मुक़ाबिल नहीं हैं हम दोनों
    ये है पल राब्ता निभाने का

    वो सहारा नहीं रहा मेरा
    सो बहाना है डगमगाने का

    तेज़ बारिश में बाम-ओ-दर को क्यूँ
    हक़ नहीं होता थरथराने का

    मुझ को रातें जगा रही हैं तो
    दिन को क्यूँ हक़ नहीं सुलाने का

    नाम पर उस के ये कहानी थी
    इंतिहा क्या लिखें फ़साने का

    देता दस्तक तो खुल गया होता
    घर उसी से था आस्ताने का

    इक वजह था वो गुनगुनाने की
    इक बहाना था मुस्कुराने का

    आ गया हूँ उड़ान भरने मैं
    हौसला मुझ
    में लड़खड़ाने का

    कैसे कोई करे रिहा उस को
    जो सिपाही हो क़ैद ख़ाने का

    हर घड़ी नाम साथ 'गर रहता
    होता कोठा भी घर घराने का

    कौन हसरत तेरी करे चेतन
    शौक़ सब कुछ तुझे गँवाने का
    Read Full
    Chetan
    3
    1 Like
    काश कोई ख़्वाब ऐसा मौत होने तक न आता
    नींद में जाना जिसे था मेरे सोने तक न आता

    जान मेरी ज़िन्दगी तेरे बिना क्या ख़ाक होती
    प्यार करना भी तेरा वो प्यार खोने तक न आता

    ज़ोर दे कर जब कहा था मान लेते बात मेरी
    भूल जाते तुम मुझे मैं याद रोने तक न आता

    मैं यहाँ तक आ गया हूँ तब मुझे काँधा मिला है
    मैं वहीं मरता कोई पलकें भिगोने तक न आता

    नाम पत्थर का नहीं था तो नदी नाली बनी थी
    आज पूजा कर रहा कल पा डुबोने तक न आता

    मान जाता मैं कि तुम ने फ़ासलों से है वफ़ा की
    काश आँखों से निकल कर अश्क कोने तक न आता
    Read Full
    Chetan
    2
    1 Like
    ज़माना हमें बे-सहारा न समझे
    ख़ुदा पर भरोसा गवारा न समझे

    उसे कब मिला है जिसे भीड़ घेरे
    उसे रब दिखा जो इजारा न समझे

    किसी को मोहब्बत नहीं है वफ़ा से
    मिरे हिज्र को तू गुज़ारा न समझे

    जिसे मान कर ज़िंदगी जी रहे थे
    वही मौत का था इशारा न समझे

    बिछड़ना ज़रूरी नहीं था मगर तू
    मोहब्बत नहीं है असारा न समझे

    रहा है मुझे याद वो ज़िन्दगी भर
    नफ़ा थी मोहब्बत ख़सारा न समझे
    Read Full
    Chetan
    1
    1 Like