Chetan
Chetan
Ghazal

उस ने कहा मुझ सेे कि अब मैं ठीक हूँ

बिन पूछे यूँ ही बे-सबब मैं ठीक हूँ

तुम से गिला कैसे करूँ तुम ख़ुश रहो
मुझ को गिला ख़ुद से है जब मैं ठीक हूँ

ग़म्माज़ आँखों को सिखाना है मुझे
है होंठों को कहने का ढब मैं ठीक हूँ

मुझ को बुरा कह कर मिले थे तुम से जो
तुम से बिछड़ कहते वो सब मैं ठीक हूँ

आना तेरा जाना तेरा मर्ज़ी तेरी
जब तक चले सब बे-तलब मैं ठीक हूँ

हाथों में ले कर देखता है दिन मुझे
जाते हुए कहती है शब मैं ठीक हूँ

— Chetan

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