Shadab khan

Shadab khan

@Shadabkhan

Shadab khan shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shadab khan's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

4

Content

31

Likes

136

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm

Sher

कौन देता ग़रीब को इज़्ज़त तू अमीरों को ही बधाई दे — Shadab khan
ये और बात है तू खाता रहा क़सम अफ़सोस अब भरोसा लेकिन नहीं रहा — Shadab khan
मेरा मक़सद उसे गले लगाना है ये मिलना ईद का तो बस बहाना है — Shadab khan
इतनी रोटियाँ खाता नहीं हूँ मैं अब जितना याद भी ख़ूँ माँगती है ये अब — Shadab khan
जिस के साथ थोड़ा भी लगाव किया उस के होंठ पर गहरा सा घाव किया — Shadab khan
सुना था हिज्र में होता है ऐसा मेरे भी अब जगारे हो रहे हैं — Shadab khan
मुनफ़रिद ख़ुशबू है इस शजर की ऐसा लगता है उस ने छुआ हो — Shadab khan
अजब दुख है वो रोता है ख़्वाबों में अजब दर्द है रोज़ बढ़ जाता है — Shadab khan
न ज़मीनों में न कमीनों में न हसीनों में मेरी ज़िंदगी तो गुज़र रही है मशीनों में — Shadab khan
इक आदमी जो घर पे कभी हँसता ही नहीं पकड़ा गया है हँसता हुआ कैमरे के साथ — Shadab khan
मैं ने चाहा है तुम को और चाहूँगा न देखो इस तरह मैं छूट जाऊँगा — Shadab khan
ये और बात है कोई गिन नहीं रहा है ये वक़्त ख़ास जो तेरे बिन नहीं रहा है — Shadab khan
हल्के हल्के ही से तेरा जुनून निकलेगा फिर भी आई याद अब आँखों से ख़ून निकलेगा — Shadab khan
छू ले गर वो मैं ठीक हो जाऊँ जाने क्यूँ हफ्तों तक दवाई दे — Shadab khan
छोड़ कर कब का वो जा चुका है लगता है कल का ही हादसा हो — Shadab khan
मैं इनकार कर तो दूँ उस की मुहब्बत मगर यार वो रोता भी तो बहुत है — Shadab khan
हर पल उस के साथ बिताना चाहता हूँ उस को मैं हर बात बताना चाहता हूँ — Shadab khan
दिल उस को दे के ये इल्म हुआ हम को मिलती है कैसे मरने की वजह हम को — Shadab khan

Ghazal

Nazm