याद आएँगे हज़ार मौसम भीग न पाओगे जिस में तुम वो मैं हूँ याद आएगा सब कुछ तुमको भुला ना पाओगे कभी जो तुम वो मैं हूँ जाओगे इश्क़ की गली में जब भी पाओगे मेरी कमी करोगे याद फ़रियाद तावीज़ वज़ीफ़ा आऊँगा न लौट कर वो मैं हूँ एक हादसा जो भूलता नहीं कोई गुस्से में तुम कहोगे सारे ज़माने से उसके सिवा दूसरा नहीं कोई फिर न जो तुमको मिल पाऊँगा वो मैं हूँ वो हूँ