Danish Balliavi

Danish Balliavi

@danishballiavi

Shayar Danish shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shayar Danish's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm

सोचते हो किस तरह दुनिया कहे मज़बूत शख़्स
सोचने से यार वैसा तुम नहीं हो पाओगे

मन की बातें करने वाले है हक़ीक़त अब यही
इंदिरा गाँधी के जैसा तुम नहीं हो पाओगे

Danish Balliavi

इश्क़ से इल्तिफ़ात मेरी है
ये नई वारदात मेरी है

मैंने चाहा है इतनी शिद्दत से
यार वो काएनात मेरी है

Danish Balliavi

हम ग़रीबों का रहनुमा है इश्क़
हम मरीज़ों की इक दवा है इश्क़

इश्क़ को वो समझ न पाएगा
जो ये कहता है मसअला है इश्क़

Danish Balliavi

अपनी औक़ात व जज़्बात बता कर रख दो
अपने दुश्मन की सभी हस्ती मिटा कर रख दो

तुमको दिल्ली की सियासत नहीं जीने देगी
ज़िंदा रहना है तो आतंक मचा कर रख दो

Danish Balliavi

मौजूद है जिगर में बहुत ग़म हुसैन का
हम इसलिए तो करते हैं मातम हुसैन का

अपना तो मुल्क दोस्तो बस एक मुल्क है
लहरेगा सारे मुल्क में परचम हुसैन का

Danish Balliavi

देख ले जाँ गवाने लगा हूँ
तुझ पे सब कुछ लुटाने लगा हूँ

इश्क़ ने कर दिया है निकम्मा
ख़ुद को पागल बनाने लगा हूँ

Danish Balliavi

अपने सीने में बहुत आग लगाई हमने
इसलिए यार बहुत चोट भी खाई हमने

मान ले ये भी तो इक क़िस्म की है क़ुर्बानी
तेरे बिन रो के सनम ईद मनाई हमने

Danish Balliavi

मैं मुकम्मल न सही थोड़ा सा वाक़िफ़ हूँ बस
होता है इनका सनम जिस्म पे मरने वाला

हुस्न वालों को न पचती है मुहब्बत 'दानिश'
चाहिए इनको दग़ा इश्क़ में करने वाला

Danish Balliavi

किसने कहा चाहत की भूखी होती है
यार न ये इज़्ज़त की भूखी होती है

मैं हूँ इनके रग रग से वाक़िफ़ मुर्शद
हर लड़की दौलत की भूखी होती है

Danish Balliavi

मुस्कुराने के क़ाबिल नहीं था
दर्द गाने के क़ाबिल नहीं था

दिल लगाया था मैंने उसी से
जो निभाने के क़ाबिल नहीं था

Danish Balliavi

मुस्कुराने के क़ाबिल नहीं है
मन लुभाने के क़ाबिल नहीं है

मेरी ग़ज़लों में है ज़िक्र उसका
जो सुनाने के क़ाबिल नहीं है

Danish Balliavi

उससे मिलने की मुझको चाहत है
गुफ़्तुगू करने की भी हसरत है

उसकी तारीफ़ क्या बयान करूँ
हाँ यक़ीनन वो ख़ूबसूरत है

Danish Balliavi

ये हमेशा हिमाकत करूँगा
देख कर मैं इशारत करूँगा

मेरी आँखें है तुझपे फ़िदा सो
मैं तुझी से मुहब्बत करूँगा

Danish Balliavi

बेबसी की ज़रूरत नहीं है
बे-रुख़ी की ज़रूरत नहीं है

मैं करूँगा मुहब्बत किसी से
अब उसी की ज़रूरत नहीं है

Danish Balliavi

आशिक़ था ऐसा मैं कि दग़ा कर नहीं सका
वो बे-वफ़ा था जो कि वफ़ा कर नहीं सका

करता था मैं उसी से मुहब्बत यूँ बे-पनाह
चाहत का क़र्ज़ यार अदा कर नहीं सका

Danish Balliavi

मजबूरियों के साथ फ़क़त खेलता रहा
और खींचता रहा मुझे जज़्बात की तरफ़

वो शख़्स मेरे हाल पे रोया नहीं कभी
दिल को दुखा के चल पड़ा गुजरात की तरफ़

Danish Balliavi

मयकशी का मिले लुत्फ़ मुझको ज़रा
मेरी आँखों से आँखें मिला हम-नवा

मैंने देखा नहीं है मुकम्मल तुझे
अपने रुख़ से तू पर्दा हटा हम-नवा

Danish Balliavi

तेरे चेहरे की जो वजाहत है
सब मेरे प्यार के बदौलत है

चाँद की कर रहा हूँ मैं तौहीन
चाँद से भी तू ख़ूबसूरत है

Danish Balliavi

हो रहा उस पे मुर्शद असर संग का
उसके अन्दर तकब्बुर है बे-ढंग का

दिल मचलता है मेरा उसे देख कर
जो पहनती है बुर्क़ा हरे रंग का

Danish Balliavi

अपने हाथों पे वो मेहँदी को रचाती होगी
जान सज कर के वहाँ मन को लुभाती होगी

इस जहाँ के कोई गुमनाम इलाक़े में दोस्त
मेरी अम्मी की बहू ईद मनाती होगी

Danish Balliavi

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