Mohammad Talib Ansari

Mohammad Talib Ansari

@Talib99

Talib Ansari shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Talib Ansari's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Shayari
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Sher

जब कुछ ना समझ आए तो क्या कीजे उम्मीदों से बेहतर है दुआ कीजे — Mohammad Talib Ansari
न हो अब मुहब्बत यही इल्तिजा है मुहब्बत मुहब्बत नहीं इक सज़ा है — Mohammad Talib Ansari
आह! जाँ को मेरी सुकूँ नहीं है आज फिर यूँँ हुआ कि यूँँ नहीं है — Mohammad Talib Ansari

Ghazal

Nazm

"और मुलाक़ात हो गई" अरे माँ बाबा आप आ गए,और बताएँ कैसे हो मैं जन्नत में ख़ुश थी तब से , आप बताएँ कैसे हो बताओ ना दुनिया कैसी है , क्या जन्नत के जैसी है क्या वहाँ भी नदियाँ झूले है, या आज भी जहन्नुम जैसी है बोलो ना आप चुप क्यूँँ हो, क्या मुझ में ऐसी बुरी बात मिली पैदा होने से पहले ही मार दिया, क्यूँँ क़त्ल की मुझे सौग़ात मिली क्यूँँ काटा-पीटा टुकड़े किया, और कचरे में फेंक दिया पर शुक्र है उस ख़ुदा का, मुझे लेने एक फ़रिश्ता भेज दिया अब आप को जन्नत कैसे ले जाऊँ, वो जहाँ का ख़ालिक़ बवाल करता है किस जुर्म में मेरा क़त्ल हुआ , ऐसा मुझ से सवाल करता है जाओ ना उसे जवाब दो, फिर हम जन्नत साथ चले वहाँ झुला झूलेंगे सब मिल कर, करते हुए चलो बात चले शुक्र है इस जहाँ में तो, मेरी आपसे बात हो गई मैं ने अपने क़ातिल को देखना चाहा , और मुलाक़ात हो गई — Mohammad Talib Ansari