ये सोचकर ही मैं खामोश रहता हूँ
    ज़ुबान लम्बी है औकात से मेरी
    Yaduvanshi Abhishek
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    चाहता तो इश्क़ हूँ मगर
    उससे दोस्ती भी काफी है
    Yaduvanshi Abhishek
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    जिसने मुझे ख़ुद से जुदा कर दिया
    शायरों ने उसको ख़ुदा कर दिया
    Yaduvanshi Abhishek
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    जब जी न पाए तो गुज़ारा कर लिया
    हमने मुहब्बत से किनारा कर लिया
    Yaduvanshi Abhishek
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    उसका ये इक हुनर जो कि दुख देता है
    हर किसी को वो अपना बना लेता है
    Yaduvanshi Abhishek
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    ऊपर वाला सबको देगा सबकी बारी आयेगी
    ये सारी अफवाहें हैं इनको अफवाहें रहने दो
    Yaduvanshi Abhishek
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    वो मिरी रातों को तन्हा कर गयी है
    कुछ नहीं बाक़ी मिरी जाँ मर गयी है
    Yaduvanshi Abhishek
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    अबके सावन काश कुछ ऐसा हो जाए
    तुझको इश्क़ और फिर मिरे जैसा हो जाए
    Yaduvanshi Abhishek
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    मैं उससे आज तक के सारे रिश्ते तोड़ आया हूँ
    मैं उसको आख़िरी सफ़ में सिसकता छोड़ आया हूँ
    Yaduvanshi Abhishek
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    छिपाकर अश्क सारे शायरी में ये
    अब उसके ख़त जलाते हैं जलाने दो
    Yaduvanshi Abhishek
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