10
0 Likes
9
0 Likes
8
0 Likes
दोस्त इक हर दफ़ा होता है
देख लूँ हौसला होता है
देख लूँ हौसला होता है
पेड़ से ही हों क्यूँ राहतें
ज़ख़्म भी तो घना होता है
देख लेता हूँ बाबा को मैं
पस्त जब हौसला होता है
हम चले आप को छोड़ के
फ़ैसला फ़ैसला होता है
7
0 Likes
6
0 Likes
5
1 Like
हटा या ख़ुद ही नक़्श-ए-पा हमारा
चले इन पे नहीं बेटा हमारा
चले इन पे नहीं बेटा हमारा
फटे जब पैरहन तब याद आया
उसे सर को ढके रखना हमारा
चले वो जाए जी ले ज़िंदगी को
ख़ुदा पे छोड़ दे जीना हमारा
बड़ा बनता है घर का है बड़ा पर
अभी भी दिल है ये बच्चा हमारा
मरेंगे साथ हम भी और दिल भी
कि बनता ही नहीं बचना हमारा
4
1 Like
3
1 Like
2
1 Like









