दोस्त इक हर दफ़ा होता है
देख लूँ हौसला होता है
पेड़ से ही हों क्यूँ राहतें
ज़ख़्म भी तो घना होता है
देख लेता हूँ बाबा को मैं
पस्त जब हौसला होता है
हम चले आप को छोड़ के
फ़ैसला फ़ैसला होता है
— Meem Mohammed
देख लूँ हौसला होता है
पेड़ से ही हों क्यूँ राहतें
ज़ख़्म भी तो घना होता है
देख लेता हूँ बाबा को मैं
पस्त जब हौसला होता है
हम चले आप को छोड़ के
फ़ैसला फ़ैसला होता है
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