गए लोग लेकिन निशानी रहेगी
तेरे बा'द भी ये कहानी रहेगी
मैं तन्हा सही पर यक़ीं ये है मुझ को
तिरी दी हुई इक निशानी रहेगी
न पूछो मेरे दिल का आलम है क्या अब
तेरी याद ही मेहरबानी रहेगी
कभी तुम जो आओ तो देखोगे शायद
कि आँखों में अब भी रवानी रहेगी
जुदाई के मौसम लिखे है जो उन में
तेरे नाम भी इक कहानी रहेगी
— Meem Mohammed















